Mobile mantra

Beginning…शुरुआत…

नमस्कार साथियों,

यह मेरा पहला पोस्ट है । मेरे सभी पोस्ट हिंदी में ही रहेंगे। मुझे हिंदी से विशेष लगाव है। हिंदी शब्द मेरे मन के उदगारों को अच्छे से अभिव्यक्त करते है। चाहता हूं कि हिंदी भाषा सब के मन की भाषा बन जाये । मेरे इस छोटे से प्रयास में आप की तनिक सहभागिता मुझे नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।

इस ब्लॉग में आपको मेरे कुछ अनुभव से जुड़ी बातें पढ़ने को मिलेगी साथ ही साथ कुछ मन को प्रफ्फुलित करने वाले लेख भी मिलेंगे। मैं कुछ बातें जितनी गम्भीरता से करता हूँ उतनी ही कुछ बाते आपको हंसने पर भी मजबूर कर देगी।

साथ ही साथ इस ब्लॉग में आपको internet, mobile tricks की जानकारी सरल हिंदी शब्दों में मिलेगी।

आज यह मेरी शुरुवात है तो इतना कि कहना चाहूंगा कि —

“घिरी हो चाहे काली घटाये,

बढ़ने दो आँधियों की चाले ,

गरजने दो घनो को आज ,

बरसने को हो चाहे बरसात,

मुख न मोड़ना हे पतवार,

चाहे हो नदी के मझधार

तू बढ़ता चल हे पतवार ….

तू बढ़ता चल हे पतवार….।

…….dev

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *